इस पेज पर अगस्त 2026 तक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जल संसाधन विभाग व आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार सरकार की जानकारी दी गई है। बाढ़ की स्थिति हर सीजन में बदलती है — यह पेज केवल सामान्य जानकारी व तैयारी के लिए है, आपातकालीन स्थिति में हमेशा स्थानीय प्रशासन व आधिकारिक चेतावनी का पालन करें।

उदाकिशुनगंज प्रखंड व मधेपुरा जिला कोसी नदी बेसिन में स्थित हैं, जो बिहार के सबसे बाढ़-प्रवण क्षेत्रों में गिना जाता है। हर मानसून सीजन (जून-अक्टूबर) में नेपाल में भारी बारिश के बाद बीरपुर कोसी बैराज से पानी छोड़े जाने पर सुपौल, सहरसा और मधेपुरा जिलों में बाढ़ की चेतावनी जारी होती है।

बाढ़ के मौसम में सतर्कता के संकेत

  • बीरपुर बैराज से जल छोड़े जाने की खबरें — आमतौर पर स्थानीय समाचार व जिला प्रशासन के माध्यम से आती हैं
  • लगातार भारी बारिश (स्थानीय व नेपाल के ऊपरी क्षेत्रों में)
  • निचले इलाकों व नदी किनारे बसे गांवों में जलस्तर में लगातार वृद्धि

तैयारी के लिए क्या करें

बाढ़ के मौसम से पहले जरूरी दस्तावेज़ (आधार, राशन कार्ड, जमीन के कागजात) एक वॉटरप्रूफ बैग में सुरक्षित रखें, पशुओं व अनाज के भंडारण की ऊंची जगह पहले से तय कर लें, और अपने पंचायत/वार्ड सदस्य व स्थानीय आपदा राहत केंद्र का संपर्क नंबर नोट कर लें। प्रखंड कार्यालय बाढ़ के दौरान राहत शिविर व नाव सेवा के समन्वय की जिम्मेदारी निभाता है।

आपातकालीन सहायता: बाढ़ या किसी भी आपदा की स्थिति में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1070 (राज्य स्तर) पर संपर्क करें, या अपने नजदीकी अंचल/प्रखंड कार्यालय से राहत शिविर की जानकारी लें।

निष्कर्ष

कोसी बेसिन में रहने वाले परिवारों के लिए मानसून सीजन में सतर्क रहना जरूरी है। बीडीओ कार्यालय की आपदा-समन्वय भूमिका के बारे में अधिक जानने के लिए हमारा बीडीओ कार्यालय गाइड और कोसी नदी व भूगोल गाइड देखें।