इस पेज पर अगस्त 2026 तक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) व बिहार नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (BREDA) की जानकारी दी गई है। सब्सिडी दरें, पात्रता व राज्य सहयोग की शर्तें बदल सकती हैं — आवेदन से पहले pmsuryaghar.gov.in व BREDA की आधिकारिक वेबसाइट पर वर्तमान दरें जरूर जांच लें।
बिजली के बढ़ते बिल और बार-बार कटौती से परेशान उदाकिशुनगंज व मधेपुरा जिले के परिवारों के लिए रूफटॉप सोलर एक व्यावहारिक विकल्प बनता जा रहा है। केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू उपभोक्ता अपनी छत पर सोलर पैनल लगवाकर सीधी सब्सिडी पा सकते हैं और हर महीने 300 यूनिट तक बिजली मुफ्त पा सकते हैं। इस गाइड में केंद्र की सब्सिडी दरें, बिहार सरकार/BREDA की भूमिका, और पूरी आवेदन प्रक्रिया विस्तार से बताई गई है।
केंद्रीय सब्सिडी दरें (PM सूर्य घर योजना)
सब्सिडी सिस्टम की क्षमता (किलोवाट) के अनुसार तय होती है:
| सिस्टम क्षमता | केंद्रीय सब्सिडी |
|---|---|
| 1 किलोवाट (kW) | ₹30,000 |
| 2 किलोवाट (kW) | ₹60,000 |
| 3 किलोवाट या अधिक (आवासीय अधिकतम) | ₹78,000 |
यानी पहले 2 kW के लिए ₹30,000 प्रति kW, और तीसरे kW के लिए अतिरिक्त ₹18,000 — कुल अधिकतम ₹78,000 प्रति घर (सामान्य श्रेणी के राज्यों के लिए, जिसमें बिहार शामिल है)। एक औसत घर के लिए आमतौर पर 1-3 kW का सिस्टम पर्याप्त होता है, जो हर महीने करीब 300 यूनिट तक बिजली पैदा कर सकता है।
बिहार सरकार व BREDA का सहयोग
केंद्रीय सब्सिडी के अलावा, BREDA (Bihar Renewable Energy Development Agency) राज्य में योजना के क्रियान्वयन, जागरूकता अभियान व सब्सिडी वितरण में सहयोग की जिम्मेदारी संभालता है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार बिहार में 1-3 kW क्षमता के लिए केंद्र व राज्य सहयोग मिलाकर कुल सब्सिडी का प्रतिशत ऊंचा बताया गया है, लेकिन यह राशि/प्रतिशत हर बजट चक्र में बदल सकती है — आवेदन से पहले BREDA की वेबसाइट या नजदीकी बिजली वितरण कंपनी (SBPDCL/NBPDCL) से वर्तमान दर जरूर पुष्टि करें।
आवेदन प्रक्रिया
- pmsuryaghar.gov.in पर रजिस्टर करें — राज्य, जिला व बिजली वितरण कंपनी (मधेपुरा के लिए सामान्यतः उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी - NBPDCL) चुनें
- अपना बिजली उपभोक्ता नंबर (consumer number) डालें और नवीनतम बिजली बिल व आधार अपलोड करें
- तकनीकी व्यवहार्यता की मंजूरी (technical feasibility approval) मिलने के बाद MNRE-सूचीबद्ध वेंडरों में से किसी एक को चुनें
- वेंडर द्वारा सिस्टम इंस्टॉल किए जाने के बाद नेट-मीटरिंग के लिए आवेदन करें
- डिस्कॉम द्वारा निरीक्षण व नेट-मीटर लगने के बाद कमीशनिंग रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करें
- सब्सिडी राशि सीधे आपके बैंक खाते में 30-45 दिनों के भीतर आ जाती है
जरूरी दस्तावेज़
- नवीनतम बिजली बिल (उपभोक्ता नंबर सहित)
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक (सब्सिडी सीधे इसी खाते में आती है)
- छत के स्वामित्व/निवास का प्रमाण
निष्कर्ष
पीएम सूर्य घर योजना से एक औसत घर अपने बिजली बिल में बड़ी बचत कर सकता है और साथ ही सीधी सब्सिडी भी पा सकता है। आवेदन से पहले वर्तमान दरें व अपने डिस्कॉम की प्रक्रिया जरूर जांच लें। अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लिए हमारा सरकारी योजना अपडेट गाइड देखें।