यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के PMFBY पोर्टल पर सितंबर 2026 तक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। प्रीमियम दरें, फसलें व कट-ऑफ तारीखें जिलेवार व सीजन के अनुसार बदलती हैं — आवेदन से पहले pmfby.gov.in पर वर्तमान जानकारी जरूर जांच लें।

मधेपुरा जिला कोसी नदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आता है, जहां हर साल बाढ़ या असामान्य बारिश से किसानों की फसल को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) किसानों को बहुत कम प्रीमियम पर फसल बीमा सुरक्षा देती है — बाढ़, सूखा, कीट प्रकोप या अन्य प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर मुआवजा मिलता है।

प्रीमियम दरें (किसान का हिस्सा)

फसल श्रेणीकिसान का प्रीमियम
खरीफ फसलें (धान आदि)बीमित राशि का 2%
रबी फसलें (गेहूं, दलहन-तिलहन)बीमित राशि का 1.5%
वाणिज्यिक/बागवानी फसलेंबीमित राशि का 5%

बाकी प्रीमियम केंद्र व राज्य सरकार मिलकर वहन करती हैं। उदाहरण के लिए, अगर धान की बीमित राशि ₹50,000 प्रति हेक्टेयर है, तो किसान को सिर्फ करीब ₹1,000 प्रति हेक्टेयर प्रीमियम देना होता है।

आवेदन प्रक्रिया

  • pmfby.gov.in पर खुद रजिस्टर करें, या नजदीकी बैंक शाखा/कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से आवेदन करें
  • आधार, बैंक खाता, जमीन के दस्तावेज़ (खाता-खेसरा/जमाबंदी) व बुवाई प्रमाण पत्र (sowing certificate) जमा करें
  • फसल व सीजन (खरीफ/रबी) के अनुसार तय प्रीमियम राशि जमा करें
  • फसल कटाई प्रयोग (Crop Cutting Experiment) या अधिसूचित आपदा की स्थिति में क्षतिपूर्ति स्वतः प्रक्रिया में आती है

दावा (Claim) कैसे मिलता है

अगर अधिसूचित प्राकृतिक आपदा (जैसे कोसी की बाढ़) से व्यापक नुकसान होता है, तो राज्य सरकार व बीमा कंपनी मिलकर प्रभावित क्षेत्र में फसल कटाई प्रयोग के आधार पर मुआवजे की गणना करती हैं और राशि सीधे किसान के बैंक खाते में DBT के जरिए भेजी जाती है। व्यक्तिगत नुकसान (जैसे ओलावृष्टि से स्थानीय नुकसान) के लिए 72 घंटे के भीतर टोल-फ्री नंबर या पोर्टल पर सूचना देना जरूरी होता है।

जरूरी दस्तावेज़

  • आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक
  • खाता-खेसरा/जमाबंदी नंबर (भूमि रिकॉर्ड)
  • बुवाई प्रमाण पत्र (सरकारी पटवारी/कृषि समन्वयक द्वारा जारी)
ध्यान रखें: फसल बीमा के लिए आवेदन की एक निश्चित कट-ऑफ तारीख होती है, जो खरीफ व रबी सीजन के अनुसार अलग-अलग होती है। समय पर आवेदन न करने पर उस सीजन के लिए बीमा नहीं मिलता — pmfby.gov.in पर मधेपुरा जिले की वर्तमान तारीख जरूर देखें।

निष्कर्ष

कोसी बेल्ट के किसानों के लिए PMFBY बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान के खिलाफ एक जरूरी सुरक्षा कवच है। भूमि रिकॉर्ड के लिए हमारा बिहार भूमि अभिलेख गाइड और बाढ़ सुरक्षा जानकारी के लिए कोसी बाढ़ चेतावनी गाइड देखें।